भोपाल में 3 दिन में 20 हजार वोटर्स की पहचान, मतदाता पत्रक डिजिटाइज किए गए

भोपाल
 भोपाल जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सात विधानसभा क्षेत्र में गणना पत्रक डिजिटाइजेशन का काम छह दिसंबर को पूरा हो गया था। इसके बाद 11 दिसंबर तक अनकलेक्टेबल और नो मैपिंग वाले मतदाताओं की पहचान करने में बीएलओ सहित पूरी टीम जुटी हुई है, ताकि मतदाता सूची से नाम नहीं कटे।

इसके तहत तीन दिन में कुल 20 हजार मतदाताओं की पहचान कर ली गई है और उनके पत्रक भी डिजिटाइज किए गए हैं। इस तरह अब जिले में कुल 17 लाख 21 हजार 213 मतदाताओं के गणना पत्रक डिजिटाइज किए जा चुके हैं जो कुल मतदाताओं का 80.96 प्रतिशत है।

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जिले के सात विधानसभा क्षेत्र बैरसिया, उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर में कुल 21 लाख 25 हजार 908 मतदाता हैं, जिनमें से कुल 21 लाख 25 हजार 840 मतदाताओं को गणना पत्रक वितरित किए गए थे। छह दिसंबर तक 100 प्रतिशत काम हो गया था तब कुल 21 हजार 25 हजार 914 गणना पत्रक जमा किए गए थे।

पड़ताल के दौरान 20 हजार मतदाताओं का मिला

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रिकॉर्ड तीन दिन चली पड़ताल के दौरान अनकलेक्टेबल पत्रकों में से करीब 17 हजार 112 मतदातओं का रिकॉर्ड मिल गया है, जिससे अब कुल चार लाख चार हजार 711 मतदाता अनकलेक्टेबल बचे हुए हैं। जबकि नो मैपिंग वाले तीन हजार 395 मतदाताओं का रिकॉर्ड भी मिल गया है, जो अब कुल दो लाख 11 हजार 275 शेष रह गए हैं।इस तरह कुल 20 हजार मतदाताओं का रिकार्ड मिलने से उनके पत्रक डिजिटाइज किए गए हैं।

कलेक्टर ने बैठक में दिए निर्देश

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उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि कलेक्टर ने सभी बीएलओ सहित अन्य अफसरों के साथ मंगलवार रात को बैठक ली, जिसमें निर्देश दिए कि अनकलेक्टेबल श्रेणी में रखे अनुपस्थित, शिफ्ट, मृत एवं दोहरी प्रविष्टि सूची तैयार की जाए। सुझाव और जानकारी के आधार पर संशोधन कराया जाए, अनमैप्ड श्रेणी के मतदाताओं की अधिकतम मैपिंग की जाए। बीएलओ एप में ड्यूपलिकेट मतदाता की जानकारी का नया फीचर जोड़ा गया है, उसकी जांच की जाए।

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